पद्मावती के फर्जी विवाद में एक आदमी की जान चली गई है

पद्मावती. संजय लीला भंसाली, दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह की फिल्म पद्मावती. किसी नुक्कड़ पर फर्जी बकैती शुरू करनी हो, किसी की भावनाएं आहत करनी हों, किसी को संस्कृति का अपमान करने वाला घोषित करना हो, तो ये नाम ले लीजिए. फिजूल की बहस शुरू हो जाएगी. ये बात हम आपको कई दिनों से बता रहे हैं. अब नहीं बताएंगे. अब बात बतकही से आगे बढ़ चुकी है. जयपुर के पास जो नाहरगढ़ किला है, वहां एक आदमी की लाश मिली है. आसपास जो चीजें मिली हैं, उससे लगता है कि ये पद्मावती विवाद के चक्कर में हुआ है. हालांकि, बताया खुदकुशी जा रहा है.

नाहरगढ़ किले की बाहरी दीवार पर फांसी से लटकता शख्स

नाहरगढ़ किले के बारे में जानते ही होंगे. राजस्थान से लेकर दिल्ली वालों तक के लिए टूरिस्ट डेस्टिनेशन है. फिल्म ‘रंग दे बसंती’ की शूटिंग हुई थी यहां. इस किले की बाहरी दीवार पर 24 नवंबर की सुबह एक आदमी फांसी से लटकता मिला. लोगों ने देखा, तो पुलिस को बताया. पुलिस आई. आसपास की चीजों की छानबीन की. कुछ पत्थर मिले, जिन पर कोयले से अजीब-अजीब चीजें लिखी थीं. मसलन-

‘लोग पद्मावती के पुतले जला रहे, हम खुद को खत्म कर रहे.’
‘जो काफिर को मारेगा, अल्लाह को प्यारा होगा.’
‘हम सिर्फ पुतले नहीं लटकाते- पद्मावती.’

लाश के पास से मिले स्लोगन लिखे पत्थर

इन बातों का साफ मतलब नहीं निकल रहा. मतलब तो पद्मावती विवाद का भी नहीं निकल रहा. इतने दिनों से जो धरना-प्रदर्शन, पुतला फूंकना, हाथ-पैर-सिर काटने की धमकी देना और सिनेमाघर फूंकने की धमकी देने का सिलसिला चल रहा है, कोई मतलब है उसका? नहीं है. असल चीजों से ध्यान हटाने के लिए मुद्दा चाहिए, तो जाति का फर्जी गौरव बीच में ले आए. पद्मावती असल में थीं या नहीं, ये बहस का मुद्दा है. पर क्यों है? हमारी सारी चेतना फर्जी चीजों से शुरू होकर फर्जी चीजों पर ही क्यों खत्म हो जाती है.

पद्मावती के रोल में दीपिका

ब्रह्मपुरी पुलिस थाने के अफसर इसकी जांच कर रहे हैं. पहली-पहली बार में ये क्लियर नहीं है कि ये हत्या है या खुदकुशी. मरने वाले की पहचान भी नहीं हो पाई है. उधर इस मामले की खबर मिलते ही पद्मावती का विरोध करने वाले संगठन राजपूत करणी सेना के महिपाल सिंह मकराना ने एक चुटकुला सुनाया कि इससे उनका कोई लेनादेना नहीं है, क्योंकि ये उनके विरोध करने का तरीका नहीं है. ये वही संगठन है, जिसने पद्मावती फिल्म करने पर दीपिका पादुकोण की नाक काटने की धमकी दी थी.

राजपूत करणी सेना के मुखिया लोकेंद्र सिंह (बाएं) के साथ महिपाल (दाएं)

एक आदमी मर गया. हो सकता है विक्षिप्त रहा हो. हो सकता है मारा गया हो. हो सकता है किसी ने बहका दिया हो. हो सकता है स्वस्थ हो, लेकिन ये घटिया माहौल झेल न पाया हो. कुछ भी हो सकता है. लेकिन वो मर गया, ये एक सच्चाई है. सबसे घटिया बात तो ये है कि विरोध करने वालों का ऐसा अंदाजा है कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के बीच इंटीमेट सीन फिल्माया गया है, जबकि फिल्म अभी तक रिलीज भी नहीं हुई है. अब बंद भी कर दो यार.

पुलिस के साथ लाश को ऊपर खींचते लोग

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