अपने पिता की पुंयतिथि पर जब जरूरतमंदों के बीच महंत् मनोज बाबा ने बांटे कपड़े तो चहक उठे गरीब

आरा : जब गरीबों के तन को ढकने के लिए कपड़े कोई देता है तो उस गरीब के चेहरे पर खुशी साफ झलक उठती है और उससे ज्यादा ख़ुशी उस व्यक्ति को मिलती है जो अपनों के याद में कपड़े बांटने जैसा कोई नेक कार्य करता है गरीबों के चेहरे पर खुशी की झलक देखकर उस इंसान की खुशी चौगुनी हो जाती है.

जी हा यहां बात हो रही है आरण्य देवी मंदिर के महंत मनोज बाबा की. जिन्होंने अपने पिता स्वर्गीय हरिहर पांडेय की पुंयतिथि पर गरीब असहाय महिलाओं के बीच कपड़े बांटे. अपने पिता की स्मृति में जरूरतमंद महिलाओं एवं गरीबों के बीच कपड़े बांटते वक्त मंदिर के महंत मनोज बाबा के चेहरे पर निश्चिंतता का भाव साफ दिखाई दे रहा था. बेसहारा लाचार और गरीबों को साड़ी और कपड़े बाटते वक्त महंत मनोज बाबा ने कहा कि मेरे पिताजी ने कहा था कि हमेशा गरीबों की मदद करना चाहिए.

गरीबों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है मा आरण्य देवी की भी यही इच्छा है. इस तरह का कार्य सभी को करना चाहिए ताकि गरीबों का भला हो सके. इस दौरान गरीबों के चेहरे पर भी खुशी देखते बन रही थी . इस दौरान कई लोग उपस्थित थे साड़ी वितरण के दौरान पहुंचे अतिथियों ने कहा कि महंत मनोज बाबा ने नेक कार्य किया है. हम सबों को भी ऐसे ही नेक कार्य करना चाहिए ताकि दूसरों की मदद हो सके.

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